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April 28, 2016

फिर से तुमने कल पुरानी बातों की याद दिला दी …अच्छा किया या शायद उतना भी अच्छा नहीं …नहीं नहीं तुमने तो अच्छा ही सोचा था …हाँ हाँ मुझे इल्म है इस बात का .. तुमने कब बुरा सोचा था .. ..यादों में आये वो सारी बातें जिनको मेरा मन भुलाना चाह रहा था …मुझे तो लड़ना है और मैं लड़ रहा हूँ खुद से…जीत भी चूका था या शायद ऐसा एहसास हुआ था मुझे अपनी जीत का …कोई बात नहीं ये जीत हार तो चलती ही रहती है और चलती ही रहेगी … शब्बा खैर …

March 14, 2016

मुझे नहीं मालूम कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ
हाँ लेकिन ये लगता है कि तुम्हारे साथ ही ये ज़िन्दगी बिताना चाहता हूँ।

मुझे नहीं भरोसा कि कोई और एक पुनर्जन्म हो
लेकिन अगर हो तो तुम संग ही हो।

तुम सिर्फ तुम हो नहीं कोई और
तुम बिन न कोई मेरी ओर न कोई छोर।

तुम्हें कहता हूँ तुमसे ही कहता हूँ
बस तुम हो और तुम संग मैं हूँ ।

……..

July 12, 2015

लोगों के लिए शायद इतना आसान नहीं ये समझना कि मैं उनकी आइडियोलॉजी का कट्टर विरोधी हो सकता हूँ, लेकिन साथ ही एक इंसान के रूप में मैं उनका प्रबल समर्थक हो सकता हूँ …असल में उनके लिए इंसानियत और धार्मिक आदर्श शायद एक ही हों और वे जुदा नहीं हो सकते ….मेरे लिए इंसानियत और धार्मिक आदर्श एक नहीं …

It may not be easy for people to understand that I may be a fierce opponent of their ideology, however at the same time I may be a staunch supporter of such individuals…. actually for them humanism and religious idealism may be same and not distinguishable…. for me humanism and religious ideologies are not the same …

June 7, 2015

वास्तव में इस ग्रह में जीवन के उद्भव का प्रश्न एक गहन रहस्य है। शुरुआत में इस ग्रह में जीवन का उद्भव कैसे हुआ? मानव चेतना के विकास के समय से ही लोग इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ रहें हैं। उस समय के उपलब्ध ज्ञान और अपनी कल्पनाशक्ति के अनुसार लोग जीवन के उत्पत्ति की व्याख्या करते आए हैं। जीवन के उत्पत्ति के समय की स्थिति और रसायनिक प्रतिक्रियाओं के सम्बन्ध में कई सिद्धांत और अवधारणाएँ वैज्ञानिकों ने दी हैं। हमें यह भी आभाष है कि वे सिद्धांत और अवधारनाएँ किसी दिन एक शून्य में परिवर्तित हो सकती हैं और वे एक परीकथा  से ज़्यादा नहीं रहेंगी जब नए खोज और नए साक्ष्य सामने प्रकट होंगे । हमें विज्ञान द्वारा खोजे गए अत्यल्प ज्ञान का भी एहसास है इस विशाल अज्ञात और अनन्वेषित ज्ञान क्षेत्र की तुलना में। हमें वैज्ञानिक प्रवृति द्वारा मानवीय खोजों के प्रयास की दुखद सीमितताओं का भी एहसास है। ये एक सतत संघर्ष है जिसके द्वारा मानवीय ज्ञान का विस्तार होता है। इन सब के बावजूद हमें गहन प्रेम है मानव मन के इस संघर्ष और प्रयास से जिसके द्वारा मानवीय चेतना का क्षेत्र विकसित होता है और जिसका लाभ सिर्फ समाज के एक सिमित हिस्से को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता को और इसके आने वाली पीढ़ियों को भी होता है। जब कभी हम ज्ञान की खोज के प्रयास में एक लौह दीवार को अपने सामने पाते हैं उस समय हम अपनी आँखे बंद करके अपनी विफलताओं और मानवीय क्षमता की सीमितताओं को किसी काल्पनिक और अलौकिक ईश्वर का नाम देकर इससे मुख नहीं मोड़ सकते हैं। नित नए ज्ञान की खोज का प्रयास हमेशा से ही सबसे महत्वपूर्ण चीज रही थी, है, और आगे भी रहेगी। आइए हम सभी ये प्रयास करें।

~चन्दन

Off course, there are great mysteries in the fundamental question of introduction of life on this planet. How did the initial life form come into existence? From the beginning of humans consciousness, people are trying to search for the answer for this question and explain this to the best of their faculties with the available knowledge of the time and to the best of their power of imagination. There have been theories and hypotheses proposed by various scientists predicting the conditions on earth when life would have had come into existence and the likely chemical reactions at the time. We know that many of the existing theories and hypotheses may simply come to naught and may just remain to be a fairy tale subsequently when new discoveries are made, new theories are proposed and new evidences come into light. We appreciate the great swathe of territory of unknown and unexplored compared to the tiny amount of knowledge gained by science. We also appreciate the painful limitations that is very often faced by humans in its endeavor for search of knowledge through scientific methods. It’s a continuous struggle for the search of knowledge by which the human consciousness expands its limits. Despite all this, we have immense love for this struggle and effort of human mind which broadens the realms of human knowledge and which benefits not only a limited part of society but entire humanity for generations to come. We can’t simply close our eyes when we are faced with an iron wall in search of our knowledge and assign our failures or limitation of human faculty to some unknown supernatural god. The most important thing was, is and will always be struggle to acquire new knowledge. Let’s strive for this.

~Chandan

June 7, 2015

Some of the best things about rationality are:

– a vegetarian arguing in favor of non-vegetarian for their right to have non-veg food

– a person not having beef or pork himself fighting for the right of self-decision of people to have beef or pork

– a non religious person respecting the right of peaceful way of practicing one’s religion

– a non believer respecting one’s right to have belief in almighty

– belief in defending the expression of the ideas that are differing from one’s own ideas

But the above doesn’t mean that logical and rational criticism should be or would be dispensed with.

Mysteries of life

May 29, 2015

वास्तव में इस ग्रह में जीवन के उद्भव का प्रश्न एक गहन रहस्य है। शुरुआत में इस ग्रह में जीवन का उद्भव कैसे हुआ? मानव चेतना के विकास के समय से ही लोग इस प्रश्न का उत्तर ढूंढ रहें हैं। उस समय के उपलब्ध ज्ञान और अपनी कल्पनाशक्ति के अनुसार लोग जीवन के उत्पत्ति की व्याख्या करते आए हैं। जीवन के उत्पत्ति के समय की स्थिति और रसायनिक प्रतिक्रियाओं के सम्बन्ध में कई सिद्धांत और अवधारणाएँ वैज्ञानिकों ने दी हैं। हमें यह भी आभाष है कि वे सिद्धांत और परिकल्पनाएँ किसी दिन एक शून्य में परिवर्तित हो सकती हैं और वे एक परीकथा  से ज़्यादा नहीं रहेंगी जब नए खोज और नए साक्ष्य सामने प्रकट होंगे । हमें विज्ञान द्वारा खोजे गए अत्यल्प ज्ञान का भी एहसास है इस विशाल अज्ञात और अनन्वेषित ज्ञान क्षेत्र की तुलना में। हमें वैज्ञानिक प्रवृति द्वारा मानवीय खोजों के प्रयास की दुखद सीमितताओं का भी एहसास है। ये एक सतत संघर्ष है जिसके द्वारा मानवीय ज्ञान का विस्तार होता है। इन सब के बावजूद हमें गहन प्रेम है मानव मन के इस संघर्ष और प्रयास से जिसके द्वारा मानवीय चेतना का क्षेत्र विकसित होता है और जिसका लाभ सिर्फ समाज के एक सिमित हिस्से को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता को और इसके आने वाली पीढ़ियों को भी होता है। जब कभी हम ज्ञान की खोज के प्रयास में एक लौह दीवार को अपने सामने पाते हैं उस समय हम अपनी आँखे बंद करके अपनी विफलताओं और मानवीय क्षमता की सीमितताओं को किसी काल्पनिक और अलौकिक ईश्वर का नाम देकर इससे मुख नहीं मोड़ सकते हैं। नित नए ज्ञान की खोज का प्रयास हमेशा से ही सबसे महत्वपूर्ण चीज रही थी, है, और आगे भी रहेगी। आइए हम सभी ये प्रयास करें।

~चन्दन

Off course, there are great mysteries in the fundamental question of introduction of life on this planet. How did the initial life form come into existence? From the beginning of humans consciousness, people are trying to search for the answer for this question and explain this to the best of their faculties with the available knowledge of the time and to the best of their power of imagination. There have been theories and hypotheses proposed by various scientists predicting the conditions on earth when life would have had come into existence and the likely chemical reactions at the time. We know that many of the existing theories and hypotheses may simply come to naught and may just remain to be a fairy tale subsequently when new discoveries are made, new theories are proposed and new evidences come into light. We appreciate the great swathe of territory of unknown and unexplored compared to the tiny amount of knowledge gained by science. We also appreciate the painful limitations that is very often faced by humans in its endeavor for search of knowledge through scientific methods. It’s a continuous struggle for the search of knowledge by which the human consciousness expands its limits. Despite all this, we have immense love for this struggle and effort of human mind which broadens the realms of human knowledge and which benefits not only a limited part of society but entire humanity for generations to come. We can’t simply close our eyes when we are faced with an iron wall in search of our knowledge and assign our failures or limitation of human faculty to some unknown supernatural god. The most important thing was, is and will always be struggle to acquire new knowledge. Let’s strive for this.

~Chandan

April 17, 2015

बम जब फूटें तो हिन्दू मरे न मुसलमान,
चीखती बिलखती रोती माँ बाप बहन भाइयों
की सदाओं से ये बात सुनाई दी,
मरे हैं मरे हैं सिर्फ इन्सान ।।

कुछ कभी मेरे भी दिल में भी ख्याल आता है …

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